उत्तर प्रदेश

यूपी वोटर लिस्ट विवाद में बड़ा एक्शन! पीलीभीत में दो SDM पर FIR

पीलीभीत में मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी पर दो एसडीएम के खिलाफ FIR दर्ज, कंप्यूटर ऑपरेटर भी आरोपी। सपा-कांग्रेस ने 16 हजार वोटों में हेरफेर का आरोप लगाया।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

Pilibhit Voter List News: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। सदर विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट को लेकर उठे सवालों के बीच प्रशासन ने दो एसडीएम और एक कंप्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ कार्रवाई की है। सहायक निर्वाचन अधिकारी की शिकायत पर दोनों अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। मामले को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पहले ही जांच की मांग उठा चुकी हैं।

जांच के बाद दो SDM पर दर्ज हुई रिपोर्ट

जिलाधिकारी आलोक कुमार के मुताबिक, मुख्य निर्वाचन अधिकारी के निर्देश पर मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं की जांच कराई गई थी। शुरुआती जांच में पूरनपुर के एसडीएम मयंक गोस्वामी और अमरिया के एसडीएम हेमंत चौधरी पर गंभीर लापरवाही के आरोप सामने आए। दोनों अधिकारी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO) की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

आयोग ने बुधवार को दोनों को उनके पदों से हटाकर जिला मुख्यालय से संबद्ध कर दिया था। मामले में वीआरसी के कंप्यूटर ऑपरेटर अनिल कुमार को भी आरोपी बनाया गया है। उनकी सेवाएं समाप्त किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। दोनों एसडीएम के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। अब पुलिस की जांच के साथ प्रशासनिक स्तर पर भी मामले की पड़ताल होगी।

16 हजार से ज्यादा वोटों में गड़बड़ी का दावा

मतदाता सूची को लेकर राजनीतिक विवाद भी तेज हो गया है। कांग्रेस नेता कुमुद गंगवार ने 13 हजार से अधिक वोटों में गड़बड़ी और कुल 16 हजार से ज्यादा वोटों में हेरफेर का आरोप लगाया है। उन्होंने अधिकारियों और सत्ता पक्ष के एक मौजूदा विधायक के बीच कथित मिलीभगत का दावा करते हुए सीबीआई जांच की मांग की है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

सपा ने भी उठाए सवाल

समाजवादी पार्टी के नेताओं ने प्रेसवार्ता कर मतदाता सूची में कथित हेरफेर के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया। पार्टी नेताओं का आरोप है कि SIR के बाद भी मतदाताओं के ईपीआईसी नंबर बदले गए, जिससे मताधिकार प्रभावित होने की आशंका है। सपा ने सूची की जांच कर त्रुटियां दूर करने की मांग की है।

इससे पहले सपा ने ज्ञापन सौंपा था, जबकि कांग्रेस ने भी प्रशासन के सामने अपनी शिकायत रखी। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जांच में कितनी गड़बड़ियां साबित होती हैं और मतदाता सूची में कथित बदलावों के पीछे किसकी जिम्मेदारी सामने आती है।

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